उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 4 मार्च से ग्रीष्मकालीन दिनचर्या शुरू होगी। इस दौरान बाबा महाकाल ठंडे जल से स्नान करेंगे। मंदिर में प्रतिदिन होने वाली पांच में से तीन आरतियों का समय भी बदला जाएगा। यह व्यवस्था शरद पूर्णिमा तक चलेगी, जिसमें साल में दो बार बदलाव होता है। भगवान की दिनचर्या अब गर्मी के अनुकूल होगी।