दीपावली के अवसर पर जयपुर के बाजारों में पारंपरिक परिधानों की खरीदारी को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। लहरिया, बांधेज की साड़ियां, लहंगा-चुन्नी और सूट के साथ इंडो-वेस्टर्न परिधान भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। गोटा-पत्ती, जरदोजी और सीक्वेंस वर्क से सजे परिधानों में पारंपरिक राजस्थानी कला के साथ आधुनिक फैशन का मेल देखने को मिल रहा है। दुकानदारों के अनुसार, ग्राहक त्योहारों और शादी के.