रांची विश्वविद्यालय में अब 254 शोधार्थी नए अंदाज में शोध करेंगे, जिसमें कोर्स वर्क से लेकर प्रोग्रेस रिपोर्ट तक में बदलाव किया गया है। शोध निदेशालय की गाइडलाइन के अनुसार, प्रत्येक छह महीने में प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा और कोर्स वर्क में कम अंक आने पर फेल माना जाएगा।