अयोध्या। कहीं फूलों से सजे तोरण द्वार, कहीं रोशनी में नहाए मार्ग, कहीं रामायण की चौपाइयों से सुसज्जित होर्डिंग तो कहीं वातावरण में घुलती रामधुन। रामनगरी इन दिनों केवल सज नहीं रही, बल्कि मानो अपने आराध्य के स्वागत में त्रेतायुग को फिर से जी रही है। अयोध्या की गलियों से लेकर प्रमुख मार्गों और सरयू के घाटों तक दीपोत्सव का उल्लास उतर आया है। श्रीराम के आगमन की प्रतीक्षा में पूरी नगरी.