भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर), ग्रामीण विकास मंत्रालय, राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण (एनआरए. संबंधित प्रशासन और स्थानीय अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए हैं तथा नागरिकों के हित में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आधिकारिक समीक्षा और आगामी अपडेट के बाद स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।