देश की राजनीति में नैरेटिव की लड़ाई तेज हो रही है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप, बयानबाजी और जनमत को प्रभावित करने की कोशिशों के बीच सवाल है कि सियासी बिसात पर मुद्दों और नैरेटिव की क्या भूमिका है? कौन से मुद्दे राजनीतिक विमर्श को दिशा दे रहे हैं और जनता तक किस तरह पहुंच रहे हैं?