डीडी न्यूज़ के विशेष कार्यक्रम 'खास मुलाकात' में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के सचिव मनोज जोशी ने भारतीय फार्मा उद्योग के विकास की यात्रा पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भारत का औषधि क्षेत्र विदेशी कंपनियों पर निर्भर था, लेकिन 1970 के दशक से भारतीय कंपनियों का विकास शुरू हुआ। 1980 और 1990 के दशकों में भारतीय फार्मा कंपनियों ने तेजी से प्रगति की। पिछले 40-50 वर्षों.