दिवाली की तैयारियों के बीच कुम्हार दिन-रात मिट्टी के दीये और बर्तन बना रहे हैं। पीढ़ियों से इस काम में जुटे कुम्हारों. दिवाली नजदीक आते ही मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों की चाक ने रफ्तार पकड़ ली है। बोदला से लोहामंडी तक कुम्हार इस आस में दिन-रात एक किए हुए हैं कि इस बार उनके बनाए दीये घरों को रोशन करेंगे। सुराही, कुल्हड़ और खिलौनों को भी अंतिम रूप दिया जा.