रूस और यूक्रेन के बीच सीजफायर खत्म होते ही जंग ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। अब यह लड़ाई सिर्फ मिसाइलों और ड्रोन तक सीमित नहीं, बल्कि साइबर हमलों और ऊर्जा ठिकानों तक पहुंच गई है। एक तरफ दोनों देश एक-दूसरे के इमरजेंसी सिस्टम और बिजली नेटवर्क को निशाना बना रहे हैं, तो दूसरी तरफ पैट्रियट मिसाइलों को लेकर अमेरिका पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में सवाल है कि क्या कूटनीति.