Gorakhpur News: जन्म या मृत्यु की घटना के दो साल बाद पंजीकरण के लिए अब उसी क्षेत्र के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा, जहां घटना हुई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के जिला एवं सत्र न्यायाधीशों और संबंधित न्यायिक अधिकारियों को संशोधित कानून के अनुपालन के निर्देश दिए हैं। गोरखपुर में बदली प्रक्रिया के कारण करीब पांच हजार आवेदन जमा नहीं हो पा रहे हैं।, Gorakhpur Hindi News.