लखनऊ। रहमत चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से जामिया हफ्सा लिलबनात, यासीनगंज में वार्षिक समारोह ‘तकरीब-ए-रहमत’ का आयोजन किया गया। दारुल उलूम वक्फ, देवबंद के मोहतमिम मौलाना मुहम्मद सुफियान कासमी ने कहा कि लाभकारी ज्ञान ही मानव कल्याण का वास्तविक आधार है। मुख्य अतिथि एरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अब्बास अली मेहंदी ने कहा कि पैगंबर मुहम्मद की शिक्षाओं को अपने आचरण में उतारने की जरूरत है। कार्यक्रम में प्रो.