पटना में पिछले नौ वर्षों में बिजली की अधिकतम मांग में 69 की वृद्धि हुई है, जो 2026 तक 933.6 मेगावाट तक पहुंच गई है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 15 नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 7 नवंबर तक चालू हो जाएंगे।