गुरु पूर्णिमा का अतिपावन पर्व आने वाला है, जिस पर आपकी पूर्ण निष्ठा हो, उन्हें अपना गुरु बनाना चाहिए। एक बार गुरु बनाने पर अथवा गुरु मंत्र प्राप्त करने पर गुरु की आज्ञा का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। गुरु मंत्र को अत्यन्त गोपनीय रखा जाता है। नीति एवं नियमों का पालन करते हुए जो शिष्य गुरु के आदेश के अनुसार सुख-दुःख को एक समान मानकर अपना जीवन-यापन करता है, वही जीवन में.