बंगाल विधानसभा में पंचायत संशोधन विधेयक पारित हो गया है, जिससे ग्राम प्रधानों की वित्तीय शक्तियां सीमित हो गई हैं। यह निर्णय विकास कार्यों में बाधा और 'कटमनी' जैसे आरोपों के मद्देनजर लिया गया है, अब भुगतान पर सचिव हस्ताक्षर करेंगे। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद कई ग्राम प्रधानों के पंचायत कार्यालय नहीं आने और विकास कार्य प्रभावित होने के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने उनकी वित्तीय शक्तियों को सीमित.