Dainik Bhaskar. व्यक्ति दिन के 22 घंटे सांसारिक कार्यों में बिताता है, तो कम से कम दो घंटे धर्म-ध्यान के लिए भी निकालने चाहिए। अनुकूल और प्रतिकूल परिस्थितियों में धर्म-साधना का अभ्यास नहीं छोड़ना चाहिए। संबंधित प्रशासन और स्थानीय अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए हैं तथा नागरिकों के हित में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आधिकारिक समीक्षा और आगामी अपडेट के बाद स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की.