रशिया से आने वाले कच्चे तेल की सप्लाई अगर बंद होती है, तो इसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ सकता है. क्योंकि इस समय पर वेनेजुएला से भी ज्यादा तेल मिलना आसान नहीं है, ऐसे में कॉस्टिंग का खर्च बढ़ जाएगा. ईरान और यूएस के युद्ध के कारण जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई, तो भारत ने और भी कई सारे विकल्प तलाशे.