9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी दैनिक जीवन में कृत्रिम मेधा के उपयोग, उदाहरणों से मशीनों के सीखने की प्रक्रिया, ‘डीपफेक’ की पहचान और व्यक्तिगत आंकड़ों की सुरक्षा से जुड़ी नैतिक सीमाओं के बारे में अध्ययन करेंगे। नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कृत्रिम मेधा (AI) और ‘कम्प्यूटेशनल थिंकिंग’ पर 20 घंटे का एक प्रारंभिक पाठ्यक्रम शुरू किया है जिसके तहत 9वीं से 12वीं कक्षा तक के.