ढोल की थाप, जयकारों और भावुक पलों के बीच Ichhamati River के तट पर मां दुर्गा की विदाई आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम है। भारत-बांग्लादेश सीमा के पास Taki में होने वाला यह विसर्जन उत्सव अपनी अनूठी सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है। “আসছে বছর আবার হবে” — अगले साल मां फिर आएंगी। ❤️ Shubho Bijoya!